लाल किताब ज्योतिष

लाल किताब का सीधा सा मतलब है लाल रंग की किताब। लाल किताब समुद्रिका शास्त्र पर आधारित है। यह एक नहीं बल्कि पांच किताबों की सीरीज है। 19वीं सदी में लिखी गई इस किताब में हिंदू ज्योतिष, हस्तरेखा विज्ञान और टोटकों को बारे में जानकारी है। आपको जानकर हैरानी होगी कि इस किताब को उर्दू भाषा में लिखा गया था। जी हां, हिंदी या संस्कृत नहीं, बल्कि उर्दू भाषा में।

यह पराशर ज्योतिष की जानकारी भी देती है। अगर आपको ना पता हो, तो मैं बता दूं कि पाराशर ज्योतिष वो शास्त्र है जिससे हम ग्रहों की चाल का पता लगाते हैं और हर चीज को करने का शुभ मुहूर्त जानते हैं। उदाहरण के तौर पर शादी का मुहूर्त निकालने के लिए भी इसमें मौजूद पंचांग का इस्तेमाल किया जा सकता है।

ऐसा माना जाता है कि रावण ने अपने ज्ञान का सार लाल किताब में लिख दिया था। लाल किताब में ऐसा बहुत कुछ था जिससे लोग रावण का ज्ञान प्राप्त कर सकते थे, लेकिन श्री राम से युद्ध के वक्त लाल किताब गायब हो गई और उसके साथ किताब का ज्ञान भी। हालांकि, यह बाद में अरब देशों में आद के नाम से मिली। इसके बाद इसे फारसी में लिखा गया और आखिर में 1939 से लेकर 1952 के बीच पंडित रूप चंद जोशी ने इसे लिखा।

ज्योतिष और हस्तरेखा विज्ञान की जानकारी होने के कारण लाल किताब को ज्योतिष की बारीकियां सीखने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। यह बाकी किताबों की तरह संस्कृत में नहीं है और बहुत आसानी से उपलब्ध है इसलिए लगभग सभी इसका इस्तेमाल कर सकते हैं। इसमें ज्योतिष के टोटके भी दिए गए हैं जिसे लोग कर सकते हैं। हालांकि, इसमें जो भी टोटके दिए गए हैं वो किसी खराब चीज के लिए नहीं हैं।

ऐसा नहीं है, रावण की विद्या के कारण यह धर्म और शास्त्र से जुड़े उपाय बताती है। क्योंकि इसमें ज्योतिष के उपाय हैं और लोग लाल किताब के टोटके इस्तेमाल करते हैं इसलिए इसे काले जादू से जोड़ दिया गया, लेकिन ऐसा नहीं है।

लाल किताब के कुछ आसान टोटके इस किताब में ऐसे टोटके दिए गए हैं जिससे आप अपनी एनर्जी को पॉजिटिव तरीके से बढ़ा सकते हैं। जैसे सूर्य को जल देना, तुलसी की पूजा करना, घर में किस दिशा में मंदिर रखना, दुर्गा मां की पूजा कैसे करना, कौन सा मंत्र पढ़ना आदि। इस किताब में दान के बारे में भी लिखा हुआ है कि किस तरह का दान लोगों के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है। इसलिए इस किताब को इतना इस्तेमाल किया जाता है।